एक सलाह ,एक निर्णय जिसने जिंदगी बदल दी


एक फोटो कापी की दुकान पर तीन लोग दाखिल हुए: एक युवा लड़का जिसकी उम्र लगभग 22 साल थी, एक लड़की करीब 19 साल की, और उनके साथ एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति, जो लगभग 35 साल का लग रहा था। 

उनकी चाल-ढाल और चेहरों पर चिंता के भाव यह साफ जाहिर कर रहे थे कि वे किसी जल्दबाजी में हैं। उन्होंने दुकानदार को अपने कुछ पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, मैट्रिक सर्टिफिकेट आदि, फोटो कापी के लिए दिए। लड़की का चेहरा उतरा हुआ और उसकी आंखों में उदासी की गहरी लकीरें थीं, जो उसकी चिंता को बयां कर रही थीं।

दुकानदार, जो लगभग 45 वर्ष का था और अपने अनुभवों से समृद्ध था, ने जब उनसे पूछा कि कितनी कापियां करनी हैं, तो लड़की ने धीरे से कहा, "दस-दस ही कर दीजिए। पता नहीं दुबारा करने का मौका मिले या नहीं, पता नहीं जिन्दा भी छोड़ें।" यह सुनकर साथ आया व्यक्ति, जो उस लड़की के साथ खड़ा था, उसे सांत्वना देते हुए बोला, "अरे तुम लोग चिंता मत करो, मैं हूं ना तुम्हारे साथ। कुछ नहीं होगा।"


दुकान में और भी ग्राहक थे, इसलिए उन लोगों ने लड़की को चुप रहने का इशारा किया। लेकिन दुकानदार, जो लड़की के चेहरे पर उदासी और चिंता को साफ देख सकता था, ने उससे बड़े प्यार से पूछा, "क्या बात है, बेटा? तुम कुछ उदास लग रही हो। अगर कोई परेशानी हो तो मुझे बता सकती हो। मैं तुम्हारे पापा की तरह हूं।"

पापा का नाम सुनते ही लड़की की आँखें नम हो गईं। उसके रुआंसे स्वर में वह बोली, "मैं इस लड़के से प्यार करती हूँ और उससे शादी करना चाहती हूँ, लेकिन मेरे घर वाले इसके लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए घर से भाग आई हूँ, क्योंकि यह लड़का दूसरे धर्म का है। साथ में जो व्यक्ति है, ये इसके चचाजान हैं। इनका कहना है कि एक बार निकाह हो जाए, तो सब मान जाएंगे।"

दुकानदार ने लड़की की बात ध्यान से सुनी और उसे चुप कराया। फिर बड़ी ही नर्मी से उससे पूछा, "बेटा, अगर तुम्हें ₹100 और ₹1 में से एक चुनना हो, तो तुम क्या चुनोगी?"

लड़की ने चौंककर पूछा, "अंकल जी, ये भी कोई पूछने की बात है? मैं तो ₹100 ही चुनूंगी," और यह कहते हुए वह हल्की मुस्कान के साथ चहक उठी।

दुकानदार ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा, "यही बात रिश्तों पर भी लागू होती है। तुम एक रिश्ते के लिए सौ रिश्तों को छोड़ कर भाग आई हो।"

लड़की के चेहरे पर जैसे किसी ने ठंडी हवा का झोंका मार दिया हो। उसकी आँखों में अचानक एक झटका सा महसूस हुआ और उसने लड़के की तरफ मुड़कर कहा, "मुझे अपना फोन दो, मुझे पापा से बात करनी है।" लड़के ने फोन देने से मना कर दिया और कहा, "मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं। हम दोनों बहुत खुश रहेंगे।"


लड़की की आवाज में दृढ़ता गई। "तुम मुझे फोन दे रहे हो या नहीं?"

जब लड़के ने फोन देने से इनकार कर दिया, तो लड़की ने दुकानदार से फोन मांगा और अपने पापा का नंबर मिलाकर रोते हुए कहा, "पापा, आप मुझे लेने सकते हो?" फिर उसने फोन दुकानदार को दे दिया। दुकानदार ने लड़की के पापा से बात की और उन्हें अपने दुकान का पता बताया। उन्होंने कहा, "आपकी बेटी मेरे पास सुरक्षित है, आप निश्चिंत होकर आइए।"

जब दोनों लड़कों ने यह सारी बातचीत सुनी, तो वे घबराकर भागने लगे। लड़की ने पीछे से चिल्लाकर कहा, "भाग क्यों रहे हो? तुम तो बहुत प्यार करते हो मुझसे!" लेकिन लड़का नहीं रुका और लड़की का सामान लेकर भागने की कोशिश करने लगा।

लड़की ने चिल्लाकर कहा, "पकड़ो इन्हें! मेरे बैग में बहुत से गहने हैं, जो मैं घर से लाई थी!" आसपास के लोग सक्रिय हो गए और दोनों लड़कों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

शाम तक लड़की के पापा दुकान पर पहुंचे। उन्होंने अपनी बेटी को गले से लगाया और उसे घर ले जाने लगे। जाते समय लड़की ने दुकानदार का हाथ थामते हुए कहा, "अंकल, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद! आपने मुझे बचा लिया। मैं अब एक रिश्ते के बदले सौ रिश्तों को लेकर जा रही हूं।"

दुकानदार ने मुस्कुराते हुए उसे विदा दी, लेकिन मन में एक गहरी सोच ने उसे घेर लिया। उसने सोचा कि उसकी सलाह ने आज इस लड़की को एक बड़ी गलती से बचा लिया। उसने खुद से कहा, "कितनी ही लड़कियां, हर रोज एक रिश्ते के बदले सौ रिश्तों को छोड़ देती हैं। और कई बार तो वे उस एक रिश्ते को भी नहीं बचा पातीं, बल्कि अपनी जान तक गंवा देती हैं।"

दुकानदार के चेहरे पर गंभीरता गई। वह सोच रहा था कि अगर इस तरह के अच्छे काम और लोगों की मदद करने की प्रेरणा हर किसी के दिल में हो, तो कितनी ही मासूम जानें बच सकती हैं।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि जीवन में हर कदम सोच-समझकर उठाना चाहिए। रिश्तों का महत्व कभी-कभी उस एक क्षण में नजर आता है जब हमें सही और गलत का अंतर समझने का मौका मिलता है। यह एक ऐसी सीख है जो हमें बताती है कि जीवन के रास्ते पर कभी भी जल्दबाजी में फैसले नहीं करने चाहिए, और यह कि कभी-कभी एक छोटा सा निर्णय हमारी पूरी जिंदगी बदल सकता है।


धन्यवाद! और याद रखें, आपकी सोच और आपके निर्णय केवल आपके जीवन को प्रभावित करते हैं, बल्कि दूसरों के जीवन को भी दिशा दे सकते हैं

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